गिल गिल गप्पा


जब
से आज तक ने हॉकी फेडरेशन के ज्योतिकुमारन को पैसा लेते हुए दिखाया है तब से सारे देश मे हड़कंप सा मच गया है। अभी तक तो क्रिकेट मे ही घपले होते थे जैसे betting और अब हॉकी की खबर ने लोगों को और भी चौंका दिया है। कैसे खिलाड़ी या एसोसिअशन के लोग देश को इस तरह से हरवा कर रहते है।ज्योतिकुमारन का कहना है कि उसने पैसा ये सोच कर लिया की उसेकिसी बड़े आयोजन के लिए पेशगी दी जा रही है।ज्योतिकुमारन ने ५ लाख मे डील की जिसमे २ लाख तो वो ख़ुद लेते हुए दिखाए गए और बाकी के ३ लाख उन्होंने दिल्ली मे देने को कहा।हॉकी जो की भारत का राष्ट्रीय खेल है उसे साधारण खेल की श्रेणी मे कर दिया गया था पर अब हॉकी को साधारण (general) से हटाकर मुख्य (priority)श्रेणी मे कर दिया गया है


हॉकी को लेकर अब ज़ंग छिड़ी है गिल और गिल के बीच एम.एस.गिल जो खेल मंत्री है उनका कहना है कि के.पी.एस.गिल को इस्तीफा दे देना चाहिए वहीं के.पी.एस.गिल का कहना है की एम.एस.गिल को खेल के बारे मे क्या पता हैखेल मंत्री के इस बयान पर की फेडरेशन मे युवा लोग होने चाहिए इस पर के.पी.एस.गिल का कहना है की फेडरेशन मे ही नही बल्कि खेल मंत्रालय मे भी युवा लोग ही होने चाहिएऔर जब सवाल उनकी उम्र को लेकर उठाया गया तो के.पी.एस.गिल का कहना था कि उम्र उनके काम-काज के आड़े नही आती हैऔर अगर उम्र की ही बात है तो खेल मंत्री की उम्र भी काफ़ी हैके.पी.एस.गिल का तो ये भी कहना है वो इस्तीफा बिल्कुल भी नही देंगे और इतना सब कुछ होने के बाद तो बिल्कुल भी नही


अब गिल इस्तीफा दे या गिल इस्तीफा ले पर सबसे जरुरी है हॉकी को दोबारा ऊपर लाने की

Comments

maithily said…
शीर्षक पसन्द आया.
क्या दोनों को गिली गिली छू करके गायब नहीं किया जा सकता?
जी बिल्कुल सही कहा आपने गिल के इस्तीफे कि जगह ध्यान स्तर को सुधरने में लगना चाहिये .

वैसे यह ख़बर बेहद शर्मनाक तो है ही साथ ही बताती है कि भ्रष्टाचार कहाँ कहाँ नहीं पहुँच चुका है.
हॉकी में भी भ्रष्टाचार.बहुत शर्मनाक बात है..
rakhshanda said…
तीखी चोट करता हुआ लेख,सचमुच आज hocky की इस हालत के जिम्मेदार यही लोग हैं.पर खेल की परवाह किसे है.
DR.ANURAG ARYA said…
vo to hame bhi maloom hai hai ki isteefa nahi denge.....jabardasti hath me de de do.....
जब टीम क्वालिफाइंग मुकाबले के लिए जा रही थी तभी सुधी लोगों ने चेताया था और व्यक्तिगत रुप से पत्र भी लिखे थे कि चयन गलत हुआ है, और इस से भारत का औलिम्पिक प्रवेश बन्द हो सकता है। लेकिन बेईमान लोग किस की सुनते हैं। अब नतीजे सामने हैं।
Udan Tashtari said…
करारा आलेख.
very well written mamta ji
it is shameful
ज्योतिकुमारन, केपीएस गिल और भारतीय हॉकी संघ बर्खास्त हो गया है।
ज्योतिकुमारन, केपीएस गिल का मुहं काला कर के काले गधे पर बिठाया जाये ओर गले मे पट्टी पे लिखा जाये देशद्रोही
हॉकी ही नहीं समस्त खेलों को इस भ्रष्टाचार ने गड्ढे में पहुंचाया है
दीपक भारतदीप

Popular posts from this blog

कार चलाना सीखा वो भी तीन दिन मे .....

क्या उल्लू के घर मे रहने से लक्ष्मी मिलती है ?

निक नेम्स ( nick names )