Wednesday, April 30, 2008




गोवा के ट्राइबल गाँव मे घूमते हुए हम यहां की आंगन वाडी मे गए और आँगन वाडी की साफ-सफ़ाई और बच्चों को ड्रेस मे देख कर अचंभित हुए बिना नही रहे। आम तौर पर आँगन वाडी मे ड्रेस का कोई सिस्टम नही होता है पर इस आँगन वाडी मे इंचार्ज और अभिभावकों ने मिल कर ये ड्रेस का सिस्टम रक्खा है।इस ड्रेस का खर्चा बच्चों के माता-पिता ही करते है। और वहां की इंचार्ज ने बताया की इससे अभिभावकों को भी अच्छा रहता है और बच्चो मे स्कूल जाने की भावना भी आती है।

जब हम लोग यहां पहुंचे तो बच्चे अपने खेल मे मस्त थे।हम लोगों को देख कर पहले टीचर ने और फ़िर बच्चों ने गुड मॉर्निंग कहा। उसके बाद टीचर ने इन बच्चों को एक गाना सुनाने को कहा।और बच्चों ने एक्शन के साथ गाना सुनाया

थोडी देर आँगन वाडी मे रुकने के बाद हम लोग वापिस पंजिम की ओर चल पड़े

12 Comments:

  1. कुश एक खूबसूरत ख्याल said...
    काफ़ी बढ़िया पल रहे होंगे आपके लिए.. हम अनुभव कर सकते है
    दिनेशराय द्विवेदी said...
    यूनीफॉर्म अनेक मकसद हल करती है। पहला तो यह कि उन्हें क्या पहनना है? इस का असमंजस, और दूसरा पहचान।
    Gyandutt Pandey said...
    इम्प्रेसिव!
    mehek said...
    wow nice system,dresscode must be giving lill kids nice feeling to.
    Udan Tashtari said...
    अच्छा अनुभव रहा इन्हें यहाँ देखना.
    Lavanyam - Antarman said...
    ममता जी "आँगनबाडी " पे लिखा बहुत अच्छा लगा
    स्नेह,
    -- लावण्या
    mahendra mishra said...
    बहुत बढ़िया चित्रण और अच्छी जानकारी धन्यवाद
    राज भाटिय़ा said...
    आप के बलोग के जरिये हम लिस्ट बना रहे हे गोवा मे कहां कहां घुमा जाये, बहुत अच्छी अच्छी जान्कारिया दे रही हे आप, इन सब के लिये धन्यवाद
    DR.ANURAG ARYA said...
    वाकई एक अदभुत अनुभव रहा ....
    हर्षवर्धन said...
    सरकारी योजनाएं भी बहुत अच्छी होती हैं यदि सलीके से लागू की जाएं लेकिन, ज्यादातर मामलों में ऐसा हो नहीं पाता। ऐसे उदाहरण ज्यादा से ज्यादा लोगों को पता चलने चाहिए।
    डा० अमर कुमार said...
    दीपक भारतदीप said...
    बढिया प्रस्तुति
    दीपक भारतदीप

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