Saturday, April 5, 2008

अब है तो ये अजब-गजब शीर्षक पर इस पर लिखने का ख़्याल एक पुरानी फ़िल्म देखते हुए आया।अब आज के समय मे तो हर हीरोइन के कपड़े और हेयर स्टाइल मिलते-जुलते से रहते है। यहां तक की आज की नई हीरोइनों का डांस का स्टाइल भी बहुत कुछ करीब-करीब एक सा ही होता है

अब ६० और ७० के दशक की हीरोइनों का अपना एक अलग ही अंदाज या स्टाइल होता था बाल बनाने का। और उस समय की ज्यादातर हीरोइने उनके हेयर स्टाइल की वजह से भी जानी जाती थी।और हर हेयर स्टाइल पर हर हीरोइन का अपना अधिकार होता था यानी की ट्रेड-मार्क ।ये हीरोइने ज्यादातर अपने हेयर स्टाइल को ही अपनाती थी पर कभी-कभी हेयर स्टाइल बदल भी लेती थी।और गौर करने की बात ये ही की जो हीरोइने घोसला बनाती थी उनका भी अपना-अपना स्टाइल होता था।


मधुबाला-- इनका हेयर स्टाइल चाहे जैसा भी हो पर इनके चेहरे पर जुल्फे एक अलग अंदाज मे रहती थी। महल, और मुग़ल -- आजम।

साधना -- साधना का नाम याद आता है। माथे पर आगे की तरफ़ बाल छोटे-छोटे कटे हुए जिसे हमेशा साधना कट नाम से जाना गया। आरजू , एक फूल दो माली।
वहीदा रहमान -- सीधी मांग मे बाल कटे होते थे और जुल्फे बिल्कुल माथे पर चिपकी हुई सी और कभी उठी हुई
गाईड, प्यासा।
मीना कुमारी -- गालों पर जुल्फें होना। पाकीजा, कोहिनूर
शर्मीला टैगोर -- जो हमेशा बालों को एक हुड की तरह उठा कर चोटी करती थी। और जो चिडिया का घोसला के नाम से जाना जाता था। वक्त,आराधना
वैजन्ती माला -- ज्यादातर लम्बी छोटी और गालों पर जुल्फों का होना। कठपुतली, नया दौर।
नरगिस -- बहुत सलीके से बना हुआ जूडा और छोटी चोटी ,घुघराले से बाल रात और दिन, आवारा
माला सिन्हा --हलके से कान पर से पीछे की तरफ़ उठा कर बनाए गए बाल और थोडी बेतरतीब जुल्फें चेहरे पर प्यासा,गुमराह
नंदा-- हलके से घोसले के साथ पीछे की तरफ़ बंधे हुए बाल ही रखती थी। हम दोनों,जब-जब फूल खिले

सायरा बानो-- लम्बी सी चोटी छोटे से घोसले के साथ और अधिकतर दुपट्टे को हेयर बैंड की तरह इस्तेमाल करती थी पडोसन,जंगली
मुमताज-- अधिकतर छोटे कंधे तक बाल रखती थी।या एक अजीब से स्टाइल मे पीछे बांधकर कंधे पर लटकी हुई चोटी। आदमी और इंसान ,आप की कसम।
सिमी--या तो बिल्कुल छोटे कंधे तक के बाल या फ़िर लंबे खुले बालों मे होना इनकी पहचान थी। कर्ज,हाथ की सफ़ाई।
जया भादुडी-- तो अपने लंबे,घने और खुले बाल या फ़िर ढीली-ढाली सी चोटी के लिए मशहूर थी उपहार और अभिमान
नीतू सिंह-- सामने से कंधे तक कटे हुए और लंबे खुले बाल। कभी-कभी और खेल-खेल मे


पर बाद मे धीरे-धीरे ये चलन ख़त्म सा होने लगा और आज तो किसी भी हीरोइन का कोई ट्रेड मार्क हेयर स्टाइल नही है।क्या आपको आज की किसी हिरोईन का हेयर स्टाइल याद है नही ना

क्यों है ना हमारा शोध तारीफ के काबिल। :)

नोट--अरे ये शोध भी इसलिए हो पाया क्यूंकि पिछले - दिन से हम कमर दर्द की वजह से आराम जो फरमा रहे थे


11 Comments:

  1. डॉ. अजीत कुमार said...
    सचमुच आपने अच्छा शोध किया है. जब मैं पोस्ट पढ़ रहा था तो हीरोइनों के लुक और उनकी फिल्मों के दृश्य आंखों में घूम जा रहे थे.
    yunus said...
    अरे ममता जी इस पोस्‍ट को दोबारा छापिये । तस्‍वीरों के साथ । अरे भई इतनी ग़ज़ब की जानकारी को बिना चित्रों के देकर आपने जल्‍दीबाज़ी की है ।
    Sanjeet Tripathi said...
    वाकई बढ़िया शोध!
    युनूस भाई से सहमत!
    राजीव जैन Rajeev Jain said...
    चित्र भी साथ होते तो और मजा आता
    Gyandutt Pandey said...
    यह तो सन्दर्भ पोस्ट सी हो गयी। भविष्य में रेफर करेंगे फिल्म ज्ञान हेतु।
    उन्मुक्त said...
    डा. ममता श्रीवस्तव पीएचडी इलाहाबादी का घर क्या यही है :-)
    Pramod Singh said...
    और जयश्री टी, बबीता, फरियाल, हैलेन को कौन याद करेगा? और साऊथ की हंटरवालियों.. ललिथाओं को?
    Udan Tashtari said...
    आप भी शोध में जुट गईं....है अनूठा विषय,,शुभकामनायें.
    राज भाटिय़ा said...
    सच मे सभी हिरोईन की तस्बीर अंखॊ मे एक बार घुम गई,आप ने बहुत अच्छी पोस्ट लिखी हे,बधाई स्वीकार करे, ओर जल्द से जल्द ठीक हो जाये
    DR.ANURAG ARYA said...
    are aap aamir khan ko bhool gayi lagta hai .lagan me alag,di chahta hai me alag,rang de me alag aor tare zameen pe me alaag aor ab gajni me to.....
    vaise ab aapki kamar ka dard kaisa hai?
    दीपक भारतदीप said...
    आपका शोध बहुत अच्छा है. हाँ कमर दर्द के लिए किसी योग शिक्षक से पूछकर ushtaasan करें. मैं जब से योगासन कर रहा हूँ तब से बहुत आराम अनुभव करता हूँ.
    दीपक भारतदीप

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