Thursday, January 15, 2009

२६ नवम्बर को जब मुंबई रेलवे स्टेशन ,ताज होटल,ओबराय होटल , नरीमन हाउस और कामा हॉस्पिटल मे आतंकी हमले हो रहे थे और उस समय राज की सेना मुंबई मे कहाँ थी किसी को भी नही पता था यहाँ तक की उस आतंकी हमले के पंद्रह दिन बाद भी कहीं भी राज की सेना और बाल ठाकरे की सेना का कहीं कुछ अता- पता नही था । पर फ़िर अचानक एक दिन बाल ठाकरे जी जागे और मुंबई हमले के आतंकी कसाब को सरेआम फांसी की अपील की । अब जब चाचाजी ने अपील की तो भला भतीजे जी कैसे पीछे रहते उनकी सेना भी हरकत मे आ गयी और जो वकील कसाब का केस लड़ने के लिए तैयार हुआ था उसके घर जाकर राज की सेना ने तोड़-फोड़ कर अपने जौहर का प्रदर्शन किया ।और आख़िर मे उस वकील ने अपना नाम वापिस ले लिया जबकि सभी को पता है कि अगर कोई वकील नही होगा तो कसाब का केस कमजोर हो जायेगा । और इसके लिए c.j.i. को स्टेटमेंट देना पड़ा तब कहीं जाकर कसाब के लिए वकील हुआ ।

और आज अखबार मे ख़बर पढ़ी कि (अब जब राज की सेना जाग गई है तो )कल उनकी सेना ने एक पाकिस्तानी कॉमेडियन को शो और देश से बाहर निकालने का बीड़ा उठाया और उसे बाहर कर दिया । काश राज की सेना २६ नवम्बर को जागी होती और उन गिनती के १० आतंक वादियों को अपना जौहर दिखाती तो इतने बेक़सूर लोगों की जाने नही जाती । भला एम .एन.एस के लिए क्या मुश्किल था १० आतंकियों को मार गिराना क्योंकि जिस तरह उनके सैनिक उत्तर भारतीय लोगों की गाड़ी और सर फोड़ते थे अगर उसी तरह वो मुंबई मे उस २६ नवम्बर को रहे हमले मे आतंक वादियों के सर फोड़ते तो शायद जनता उन पर गर्व कर सकती । ( बिल्कुल जलियांवाला बाग़ की तरह जिसमे जनरल डायर गोली चलवाते रहे और देश भक्त लोग गोली से डरे बिना आगे बढ़ते रहे और देश पर कुरबान होते रहे । )

काश ऐसा होता पर अफ़सोस उन्हें तो निहत्तथे और लाचार लोगों पर ही शायद वार करना आता है ।



16 Comments:

  1. Tapashwani Anand said...
    bahut hi sahi likha hai aapne par mera manana hai.

    jinki koi aukat nahi ho hame unaki baaton par dhyan nahi dena chahiye.....

    aur RAJ AUR BALA ki aukat mumbai ataik ke baad poori aavam samjh gayi hai fir in jahilon ke bare me baat karke apna samay kyun barbad karna......
    Tapashwani Anand said...
    bahut hi sahi likha hai aapne par mera manana hai.

    jinki koi aukat nahi ho hame unaki baaton par dhyan nahi dena chahiye.....

    aur RAJ AUR BALA ki aukat mumbai ataik ke baad poori aavam samjh gayi hai fir in jahilon ke bare me baat karke apna samay kyun barbad karna......
    रंजना [रंजू भाटिया] said...
    इनकी सोच के बारे में क्या कहे ..
    कुश said...
    ऐसे लोगो पर तरस आता है..
    विनय said...
    बहुत बढ़िया

    ---
    आप भारतीय हैं तो अपने ब्लॉग पर तिरंगा लगाना अवश्य पसंद करेगे, जाने कैसे?
    तकनीक दृष्टा/Tech Prevue
    अभिषेक ओझा said...
    अभी कुछ दिनों में फिर चिल्लायेंगे अपना राग उत्तर भारतियों वाला. ये उन आतंकवादियों से भला किस मामले में कम है?... इनकी नीतियों से ही तो उन्हें बल मिलता है.
    Arvind Mishra said...
    बिल्कुल पते की बात कही आपने -जब शौर्य दिखाने का मौका था तो खोली में छुपे बैठे थे ये कथित महाराष्ट्रवादी और अब शेखी बघार रहे हैं !
    Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...
    अजी! ठाकरे जैसे नपुंसकों से इस से ज्यादा भला क्या अपेक्षा की जा सकती है.
    Amit said...
    sahi kaha aapne..aise logo par sahi men taras aata hai..
    Gyan Dutt Pandey said...
    अब समय आया है वीरों के जागने का। :)
    P.N. Subramanian said...
    बिल्कुल ठीक कहा. हम तो सोचते हैं की ये लोग बड़े मौका परस्त हैं. राजनीती की रोटी सेकनी खूब आती है इन्हें.आभार.
    लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...
    ममता जी, आपके जाल घर पर पधारे सभी पाठकोँ को मकर सँक्रात की बधाई

    देख लो
    इन्हीँ का "राज" है मुँबई पर !! :-(
    Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...
    अब इनके बारे में का कहें?
    Udan Tashtari said...
    बरसाती मेंढक हैं, जरुरत पर फिर छुप जायेंगे.
    राज भाटिय़ा said...
    घटिया लोगो की चर्चा करना ही समय की बरबादी है, इन की किसी भी बात पर गोर ही ना करो, यह वो गन्दगी के ठेर है जिन से दुरी ही भली,सडक छाप घटिया सोच वाले जेबकतरे से यह लोग, जिन मै बस *मै( अहंकार) भरा है.
    धन्यवाद
    राज भाटिय़ा said...
    घटिया लोगो की चर्चा करना ही समय की बरबादी है, इन की किसी भी बात पर गोर ही ना करो, यह वो गन्दगी के ठेर है जिन से दुरी ही भली,सडक छाप घटिया सोच वाले जेबकतरे से यह लोग, जिन मै बस *मै( अहंकार) भरा है.
    धन्यवाद

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