Monday, October 20, 2008

जब तक हम दिल्ली मे थे उस दौरान तो हमने बहुत ही कम लिखा था पर गोवा आने के बाद सोचा था कि अब पहले की तरह ही रोज लिखा करेंगे पर पता नही जब भी लिखने चलते है तो जैसे दिमाग बिल्कुल खाली सा लगता है (है या नही पता नही ) तो कुछ आधी-अधूरी पोस्ट लिख कर छोड़ देते है . तो कभी कुछ ब्लॉग पोस्ट पढ़कर या कभी-कभी बस ब्लौगवाणी को स्क्रोल करके देख लेते है और कम्पूटर बंद कर देते है ।

पिछले १०-१२ दिन बेटा आया हुआ था तो घूमने-फिरने मे लगे थे पर कल बेटा वापिस चला गया और कल शाम से भी कई बार पोस्ट लिखने की सोची पर फ़िर न जाने क्यूँ मन ही नही हुआ । ऐसा नही है कि विषयों की कमी हो गई है इतना कुछ है लिखने के लिए पर बस लिखते समय मन उचट जाता है ।

अब इस ८ लाइन की पोस्ट लिखने मे ही आधे घंटे से ज्यादा लगा दिया तो आप समझ ही सकते है । और आज से हम कोशिश करने वाले है कि पहले की तरह ही हम अपने ब्लॉग पर लिखना शुरू कर दे :)

19 Comments:

  1. Deepak Bhanre said...
    आप अपना लेखन पुनः उसी उत्साह से कर सकें . सुभकामनाएँ .
    manvinder bhimber said...
    aap fir se utsaah se bhar jae....ab to festive season bhi hai......
    रंजना [रंजू भाटिया] said...
    हो जाता है कभी कभी यूँ भी ..आप लिखिए लिखा जायेगा
    hemant said...
    we wating for your post...............
    Paliakara said...
    निराश ना हों. बच्चे से पुनः बिछड़ने का गम होगा.
    आपका लिखा पढ़ना अच्छा लगता है.
    http://mallar.wordpress.com
    वर्षा said...
    एक बार शब्द बहने लगेंगे तो फिर रोके न रुकेंगे
    seema gupta said...
    Hi, good thought to write in flow again, all the best..."

    Regards
    mehek said...
    hota hai abhi kabhi uhi dil bebak hi rota ya hasta hai:):) ek bar likhna shuru kigiye,kalam apne aap rang pakad legih hai na:)
    जितेन्द़ भगत said...
    ऐसा तो सभी के साथ होता है, आप नाहक परेशान हो रही हैं। देखि‍एगा, तीन दि‍न के भीतर आपकी पोस्‍ट हम सभी पढ़ पाऍगे। शुभकामनाएँ।
    अभिषेक ओझा said...
    हमारा भी यही हाल है !
    विनय said...
    वक़्त एक-सा नहीं रहता, मूड बदल जायेगा और हम आपसे एक अच्छा लेख पढ़ेगे!
    डॉ .अनुराग said...
    ठीक है कभी कभी बेख्याली सी हो जाती है
    Gyandutt Pandey said...
    ओह; अगली पोस्ट की प्रतीक्षा है।
    Rachna Singh said...
    mamtaa ji
    kya aap ko lagtaa haen ki aap post likhna band kar do gae to bloging band ho jayegiii !!!!!!!!!!
    mat likho achhaa haen kam sae kam ek blog par to tippani karney sae log bachhey gae . vase hii blog sankhya badh hee rahee haen !!!!! din dunnii raat 100 guni
    tum nahin likhogii to koi farak nahin padega
    bas itna hii ek ek asli "blog " nahin rahega sakriy .
    weblog ka asli rup bas issi blog par milta thaa

    phone number email karaye . jab aapney phone kiya tha bhul gayee thee lena

    regds
    राज भाटिय़ा said...
    जब दिल करे तभी लिखे, शायद कुछ परेशानी होगी, सब के साथ होता है, हम इन्तजार करेगै आप की अगली पोस्ट का
    धन्यवाद
    लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...
    Mamta ji, your son will be well - it is ok to remember & get worried - life is such - Hope you get in a relaxed mood soon, sneh, Lavanya
    Udan Tashtari said...
    चिन्ता न करें..नार्मल बात है.
    डा. अमर कुमार said...
    शायद तुम मेरी टिप्पणी को मिस कर रही हो..
    तो बोलना था न बहना, चल इस गंजू की फोटू देख ले
    और जल्दी से एक पोस्ट लिख डाल
    मेरे ऊपर चढ़ा एक मोटू है
    मुझको बाहर निकाल
    mamta said...
    आप सभी की टिप्पणियों का और हौसला अफजाई करने का शुक्रिया ।

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