राखी के नाटक

नच बलिये जो कि स्टार प्लस पर आता है उसमे जब शो शुरू हुआ था तो दस जोडियाँ थी पर हर हफ्ते एक-एक जोड़ी बाहर होती गयी। और अब आख़िर चार जोडियाँ बची है । इस बार के नच बलिये मे राखी सावंत भी भाग ले रही है तो कुछ न कुछ तमाशा तो होना ही था। अब राखी सावंत हो और कोई बात न हो ऐसा कहाँ हो सकता है।

राखी सावंत पहले दिन से लोगों का ध्यान अपनी और करने के लिए हर बार कुछ करती है। पहले दिन तो उसने कश्मीरा(वैसे हम न तो कश्मीरा और न ही राखी को पसंद करते है ) के लिए कहा था कि वो नही चाहती है कि राखी शो मे आगे बढे। फिर हर बार नाचने के बाद भी वो कोई न कोई बात जरुर कहती है। यहां तक की एक बार शो के होस्ट हुसैन ने भी कहा था कि आप हर बार कहती है कि ऐसा आपने पहले कभी नही किया है। जबकि सभी जानते है कि वो एक डांसर है और काफी समय से स्टेज शो ( डांस) करती आ रही है और कुछ फिल्मों मे भी डांस किया है । पर फिर भी और हर बार एक नयी बात कहती है।



राखी सावंत जो पहले दिन से ही कुछ कुछ नाटक करती रही है नच बलिये मे पहली बार ख़तरे मे आई हैअब राखी सावंत ख़तरे मे हो और वो कुछ करे ऐसा कहाँ हो सकता है।तो शो मे बने रहने और जीतने के लिए राखी पहुंच गयी नागमाता के पास पूजा करने के लिए। वैसे तो राखी खुद दावा करती है कि वो गणपति और जीजस की भक्त है पर इस बार वो नागमाता के पास गयी है। राखी कुछ करे और हमारे न्यूज़ चैनल उसे न दिखाए ऐसा भी नही हो सकता है। और आज तक तो सबसे तेज चैनल है सो उसने सबसे पहले ये खबर भी दिखा दी। :)


अब देखना है कि राखी शो मे रहती है या बाहर होती है।

Comments

काकेश said…
आमतौर पर तो मैं टी.वी. देखता नहीं और यदि कभी देख भी रहा हूँ और राखी आ जाये तो चैनल चेंज हो जाता है. सबसे ज्यादा यदि किसी से चिढ़ता हूँ तो राखी से.

वैसे अभी ज्ञान जी आयें तो उनके विचार भी देख लीजियेगा :-)
Gyandutt Pandey said…
हमारा कोई विचार नहीं है। विचार सिर्फ यह है कि काकेश, संजीत और आलोक अ.ब. सामने मिलें तो बताऊं! :-)
इस नाटककार बालिका का नाम राखी रखा ही क्यों गया है!! नाम तो सुसंस्कृत है लेकिन नामधारी ये लड़की कहीं से सुसंस्कृत नही लगती!!

@ ज्ञान जी विचार हो तो रख दीजिए, लोकतांत्रिक देश के लोकतांत्रिक निवासी हैं हम सब, विचाराभिव्यक्ति पर कोई पाबंदी नही और जब आपको फ़ेवरेट फ़िल्मी बाला पर विचार रखने हों तो कोई कंजूसी नही चलेगी , मन मे रखने का का फायदा इ विचारन को!! ;)
हमे तो राखी और कश्मीरा दोनों पसंद है जी.
राखी जी की वजह से टीवी चैनल से लेकर टीवी के प्रोग्राम तक चलते हैं...टीवी संस्कृति को बढावा देने के लिए उन्हें सम्मानित करना सरकार की जिम्मेदारी है.

एक दिन जरूर आएगा जब उन्हें राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जायेगा.
मैं तो इन सब से बचा हूं। मेरे यहां केबल टीवी नहीं आता है :-)
अभिनय और अदाकारी की बारीकियों की ज्यादा समझ तो नहीं है पर फ़िर भी राखी का प्रशंसक हूँ मैं. हर किसी को नहीं आता अपने आप को इतना अच्छे से "प्रोजेक्ट" कर पाना. अगर उलटी पुल्ती बोलकर लोकप्रियता मिलती है तो बाकी क्यो नही पा लेते?

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