Friday, September 28, 2007

आज हम कुछ और गणेश चतुर्थी की फोटो लगा रहे है।जो गोवा मे अलग-अलग जगहों पर और कुछ अलग सी चीजों को इस्तेमाल करके बनाया गया है। इनमे गणेश जी के विभिन्न रुप दिखते हैऔर साथ ही हर मूर्ति मे कुछ नया सा हैयहां घरों मे रखे जाने वाले तथा पंडालों मे स्थापित गणेश की प्रतिमा और सजावट के लिए प्रतियोगिता रखी जाती हैभाई हमने तो इतने विविध रुपी गणेश पहले कभी नही देखे थे ,हो सकता है आप लोगों ने देखे हो पर फिर भी हम इन्हें आप लोगों के लिए प्रस्तुत कर रहे हैऔर हाँ किसी भी फोटो को अगर आप बडे साइज मे देखना चाहते है तो उस फोटो पर क्लिक कर दीजियेगा


इस पहली फोटो मे गणेश जी के साथ ही अन्य भगवानों को भी दिखाया गया हैऔर इसे पंजिम के पुलिस स्टेशन मे रखा गया थायहां गोवा के सभी पुलिस स्टेशन के बीच सबसे सुन्दर मूर्ति की प्रतियोगिता भी होती हैये मूर्ति पंजिम के ही एक पंडाल की है जिसमे साई बाबा को दिखाया गया है



इस मूर्ति मे गणेश जी को दुर्गा रुपी दिखाया गया हैये मूर्ति पंजिम के मारुति मंदिर मे स्थापित की गयी थी


ये मूर्ति ऊन से बनाई गयी है



इस मूर्ति मे गणेश जी को विष्णु के मत्स्यरूपी अवतार मे दिखाया गया हैऔर मूर्ति के पीछे नाव मे जो लोग दिख रहे है वो इसलिये क्यूंकि मूर्ति की देखभाल भी जरुरी हैऔर ये मूर्ति विसर्जन के लिए कहीँ और ना लेजाकर यही इसी पानी मे विसर्जित कर दी गयीऔर हाथ मे जो चक्र है वो घूमता रहता है


और सबसे ज्यादा चर्चा मे रही गणेश जी की ये मूर्ति जिसे काजुओं से बनाया गया हैऔर इसे बनाने मे २८ दिन लगे थेऔर क्या आप अंदाजा लगा सकते है की कितने काजू लगे होंगेचलिए हम बता देते है वैसे हमे तो ये जानकार कुछ आश्चर्य हुआ था इसमे करीब ४१००० किलो काजू लगे हैऔर इस मूर्ति का वजन ४७ किलो हैऔर अंदाजा लगाइये की कितने मूल्य के काजू लगे होंगेयही कोई ९८०००क्यों चौंक गए ना

वैसे ये फोटो डार्क है क्यूंकि वहां काफी अँधेरा सा था

और हाँ पिछली गोवा वाली पोस्ट की फोटो भी उस पोस्ट मे अपलोड कर दी है जो गायब हो गयी थी

10 Comments:

  1. काकेश said...
    बहुत अच्छा रहा आपका वर्णन.मजा आया.
    Lavanyam - Antarman said...
    गणपति बप्पा मोरीया ~~ आपने गोवा के गणेशोत्सव की झाँकी करवा दी देखकर मन आनण्द से भर गया.
    धन्यवाद ! ममता जी, हो सके तो कभी मँगेशी के मँदिर की तस्वीरेँ भी बतलाइयेगा..गोवा तो पता नहीँ कब आना हो ...
    .स्नेह,
    --लावण्या
    RC Mishra said...
    तरह तरह के गणेश जी देख ने को मिले!
    Udan Tashtari said...
    वाह जी, बहुत बढ़िया रहा मय कमेन्ट्री चित्र प्रदर्शनी. गणपति के दर्शन बोनस में हो गये.
    Neeraj Rohilla said...
    बहुत ख़ूब ममताजी,
    सुबह उठते उठते ही गणपति जी के दर्शन हो गए आपके चिट्ठे पर, बहुत अच्छा लगा |

    हम विद्यार्थियों ने भी ह्यूस्टन में गणेश चतुर्थी मनायी थी उसके फोटो भी जल्दी ही अपने चिट्ठे पर डालूँगा |

    साभार,
    Gyandutt Pandey said...
    मुझे तो महिषासुर मर्दन करते गणेश बहुत अच्छे लगे. कल्पना की उड़ान हो तो ऐसी हो!
    सजीव सारथी said...
    ममता जी काजू वाले गणपति बाप्पा बहुत ही सुंदर लगे
    सस्नेह -
    सजीव सारथी
    sajeevsarathie@gmail.com
    09871123997
    www.hindyugm.com
    www.sajeevsarathie.blogspot.com
    www.dekhasuna.blogspot.com
    दीपक भारतदीप said...
    तस्वीरों के साथ आलेख की प्रस्तुति बहुत आकर्षक बन पडी है।
    दीपक भारतदीप
    anitakumar said...
    mamta ji badhiya tasveerein hain, ab afsos hota hai ki Goa aane se pehle aap ko nahi jaanti thi nahi toh kaya dekhein wahi pataa chal jaata...kher agli baar sahi
    GANGESH said...
    Mamtaji aapki ruchi aur Gyan fir use auron me batne ki lalak sarahniya hai..Mai aapka blog dekh kar behad prabhavit hua hoon..!!

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