अब आज तो सभी दिल्ली वासी गए होंगे अरुण जी के बुलाए गए ब्लौगर सम्मलेन मे तो पता नही लोग पोस्ट पढेंगे या नही और टिप्पणी करेंगे या नही । पर खैर उनके सम्मलेन की खबरें तो हम लोगों को मिल ही जायेगी । :)
आज पहली अप्रैल है और अब तो कम पर एक ज़माने मे इस दिन का बड़ी बेसब्री से इंतजार किया करते थे ।और कितना मजा आता था लोगों को अप्रैल फूल बनाने मे । घर मे तो बहुत ही आम सा तरीका था अप्रैल फूल बनाने का ,अरे वही फ़ोन उठा कर कहना कि पापा आपका फ़ोन है या जिज्जी तुम्हारा फ़ोन है । या दरवाजे की ओर इशारा कर कहना की भइया बाहर कोई मिलने आया है ।और स्कूल मे दोस्तों को कहना कि तुम्हे टीचर ने बुलाया है और जैसे ही कोई लड़की उठ कर चलने लगती तो जोर से अप्रैल फूल चिल्लाते थे ।
वो भी क्या दिन थे । खैर छोडिये उन बीते दिनों को ।
आज सुबह अखबार मे ये ख़बर पढ़ी तो सोचा कि आप लोगों को भी बता दिया जाए । वैसे भी आजकल हर तरफ़ चुनाव और उससे जुड़ी खबरें ही ज्यादा पढने और देखने को मिल रही है । तो ख़बर पढिये और बताइये कि क्या ऐसा हो सकता है ।
Wednesday, April 1, 2009
अरे कोई है या सबके सब ब्लौगर सम्मलेन मे चले गए .....
Posted by mamta at 8:00 AM
Labels: april fool, delhi, election, goa, news paper, अप्रैल फूल, गोवा, दिल्ली
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23 comments:
चलिए आपकी इस पोस्ट को पढने के खातिर मैंने एन मौके पर अपना जाना कैंसिल कर दिया -झांसे मत दीजिये आज कोई लिंक नहीं खोलनी ! खोला तो मैं बना नहीं तो आप !
बहुत मजेदार खबर है.
आज तो बहुत खतरा है भाई ,यह अंग्रेजों का दिन हम लोंगों को कहीं का नहीं छोडेगा.
फिलहाल दिल्ली ब्लॉगर सम्मेदन में मेरा अध्यक्षकिय भाषण चल रहा है. समाप्त होने पर टिप्पियाता हूँ.
कोई नहीं गए हैं ... सब तो कमेंट कर ही रहे हैं।
हम यहीं हैं !!
http://mukti-kamna.blogspot.com/
चिन्ता न करिए, कितने भी ब्लॉगर सम्मेलन में चले जाऍं, कमेण्ट करने के लिए फिरभी बेशुमार बचे रहेंगे।
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तस्लीम
साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन
sheela dixshit ki vajah sae sanchalan haath sae chalaa gaya
ममता जी।
आज का दिन ही ऐसा है।
वैसे भी लोग दूसरों को मूर्ख बनाते ही रहते हैं।
आपको मूर्ख-दिवस की बधायी हो।
हमने तो टिप्पणी भी कर दी और खबर भी पढ़ी , ऐसी खबर को आपको पहले पढाना चाहिए था .क्या जानकरी है
सम्मेलन बहुत बढ़िया चल रहा है ..यह ब्रेकिंग न्यूज़ अभी अभी मिली है ..ममता जी आपको सब बहुत याद कर रहे हैं वहां इस रोचक खबर को सुनाने के लिए :)
बड़ा खूबसूरत दिन है यह सच्चाई यह है कि सभी लोग जानते है कि आज पहली अप्रैल है कोई जरूर झूठा संदेश देगा और मूखॆ बनाने की कोशिश करेगा फिर भी लोग यही भूल कर बैठते है । और अंततः अप्रेल फूल बन ही जाते है ऐसा ही एक वाकया मेरे साथ भी हुआ नीलू भले समझदार है लेकिन अप्रेल फूल बनने में तनिक भी देर नही की । आफिस में अपने टांसफर होने के नाम से तड़के आफिस पुहंच गई...यहां पता चला कि वह तो अप्रेल फूल बन चुकी है । खैर समझदार बाला है ।
1st Aprail kitna angrejon ka hai aur kitna apna, iska kuch andaj mere blog ki nai post se lag sakta hai.
(ourdharohar.blogspot.com)
इतना महत्वपूर्ण सम्मेलन रह गया! हम इतने व्यस्त थे कि जा न पाये! :)
आज तो अटक गए। सम्मेलन में जाने से। कारण नहीं बताऊंगा बहुत पर्सनल है।
आज हम आपके ब्लॉग पर नहीं आये....ना ही आपकी कोई पोस्ट पढ़ी.....यहाँ तक कि कोई टिपण्णी भी नहीं की............
(हा..हा..हा..हां..आहा..अप्रैल फूल......!!)
एक बार बन चुके हैं,अब और इच्छा नही है।
हम सुन्दरनगर पहुँचे ही थे कि एक हादसा हो गया....:(
अजी हम ने जाना था, लेकिन हमारे पेट मै सर दर्द होने लगा जिस वजह से जाना ना हो सका... आप क्यो नही गई, सुना है वहां आज नारियो ने धरना देना था, क्योकि पंगे वाज जी ने दो मुखिया, नेताओ को आने से मना कर दिया था??
आपका नाम मंच से एनाउन्स हो चुका है, जल्दी चले आईये. टिप्पणी वगैरह बाद में देख लेंगे.
अफसोस , पहले आप-पहले आप के चक्कर में गाडी छूट गयी और......नहीं पहुँच सका इस महत्वपूर्ण सम्मलेन में !
हम नहीं गए हैं ...
ममता जी आप कहेँ तो देखिये सारे ही खीँचे चले आये हैँ :)
- लावण्या
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