Saturday, August 16, 2008

राखी का त्यौहार और इसके साथ जुड़ी यादें साल दर साल संजोते है।बचपन मे हर राखी मे भइया हम सब बहनों को कोई न कोई सरप्राइज जरुर देते थे । चूँकि हम घर मे सबसे छोटे है तो राखी बाँधने मे हमारा नंबर आख़िर मे आता था। तो जब बड़ी दीदी लोग भइया को राखी बांधती तो भइया दीदी लोगों को कोई कोई तोहफा देते थे और और जब हम राखी बांधते तो भइया ऐसे दिखाते थे मानो हमारे लिए कुछ भी नही लाये होंऔर जैसे ही हमारे आंसू टपकने को होते कि भइया चुपके से हमारे लिए लाया हुआ गिफ्ट हमें दे देते और हमारे चेहरे पर खुशी और हँसी दोनों फूट पड़ती थी। :)

भइया की कलाई पर राखी बांधते हुए हम ये गाना हमेशा गाते है और आज हम वही गाना अपने भइया के साथ -साथ आप सबके के लिए भी यहाँ पर लाये है। और इस भइया मेरे राखी के बंधन को निभाना गाने के साथ-साथ राखी के कुछ और बहुत ही प्यारे गाने भी आप सुनिए ।

ब्लॉगर परिवार के सभी सदस्यों को राखी की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं


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6 Comments:

  1. Suresh Chandra Gupta said...
    ममता जी आप को भी बहुत बहुत वधाई. राखी के प्यारे-प्यारे गीत सुनवाने के लिए धन्यवाद.
    डा. अमर कुमार said...
    .

    तुझे मैं क्या दूँ..इक टिप्पणी के सिवाय
    तुझको हमारी उमर लग जाये
    रंजना [रंजू भाटिया] said...
    आपको भी राखी पर्व की बहुत बहुत बधाई .सुंदर गाने सुनाये आपने
    दिनेशराय द्विवेदी said...
    रक्षा-बंधन का भाव है, "वसुधैव कुटुम्बकम्!"
    इस की ओर बढ़ें...
    रक्षाबंधन पर हार्दिक शुभकानाएँ!
    राज भाटिय़ा said...
    ममता जी आप को इस राखी पर्व की बहुत बहुत बधाई,ओर आप के पिता जी के लिये शुभकानायॆ
    अभिषेक ओझा said...
    shubhkaamanaayein aapko bhi, thidi der se hi sahi !

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