Wednesday, August 15, 2007

जी हाँ आप बिल्कुल सही समझे है हम टीम इंडिया को इंग्लॅण्ड पर इक्कीस साल बाद हासिल जीत पर दिए जाने वाले इनाम की ही बात कर रहे है।इस बार तो वाकई इंडिया ने चक दे इंडिया जैसा कमाल कर ही दिया है। और जब टीम ने मैच जीता है तो यक़ीनन वो इनाम की हकदार भी है।बी.सी.सी.आई.की तो बांछे खिल गयी है।


इस जीत ने ये भी दर्शा दिया की अगर टीम इंडिया का कोई कोच नही है तब भी हल्पाते हुए (हमे तो यही शब्द याद आ रहा है) भी यानी की लुढ़कते-पुढकते भी जीत हासिल कर सकते है, तो भाई हम कोई टीम इंडिया की बुराई थोड़े ही कर रहे है। क्या कहा आपको हमारा ये लुढ़कते-पुढकते कहना बिल्कुल भी अच्छा नही लगा । तो भाई ये टीम इंडिया भी ना एक पारी मे तो ६०० रन बनाती है तो दूसरी पारी मे धड़धदा कर आउट हो जाती है।अच्छा खासा जीता हुआ मैच ड्रा हो गया वरना १-० की जगह २-० की जीत होती।इससे ये भी लगता है की शायद बिना कोच के टीम ज्यादा ही अच्छा खेल सकती है। वैसे पहले भी तो बिना कोच के ही खेलती थी। तो भला अब क्यों नही खेल सकती है। और उन सारी बातों को गलत सिद्ध करती है कि बिना कोच के टीम इंडिया का कोई भविष्य नही है।

चक दे इंडिया फिल्म के बाद तो सभी को लगता है कि टीम इंडिया के लिए बस यही गुरुमंत्र होना चाहिऐ कि जितने देर वो क्रीज पर है बस उसी घड़ी और समय के बारे मे सोचे कि वो अपने देश के लिए खेल रहे है ना कि कोई रेकॉर्ड बनाने के लिए। लो रेकॉर्ड से याद आया कि इस बार तो कुंबले ने भी सेंचुरी बनाई जो कि अपने आप मे ही एक रेकॉर्ड है।कम से कम टीम इंडिया के आख़िरी बल्लेबाज ने भी सेंचुरी तो बनाई और इसके लिए कुंबले बधाई के हकदार है।

चक दे हो चक दे इंडिया गाना भी क्या टाईम पर आया है कि जब भी कोई चैनल टीम इंडिया की जीत दिखाती है तो ये गाना जरुर बजाता है।और हम भी यही कहेंगे कि चक दे इंडिया



9 Comments:

  1. prabhakar said...
    मेरी तरफ़ से भी स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामनायें
    Sagar Chand Nahar said...
    भारतीय टीम या BCCI के कर्ता धर्ता भी अगर राजनेताओं की बजाय खिलाडी़ ही हों तो टीम और भी प्रगति कर सकती है।
    आपको स्वन्त्रतता दिवस की शुभकामनायें
    Gyandutt Pandey said...
    बिल्कुल - जो जीता वही सिकन्दर. और 1 करोड़ का ईनाम!
    स्वतंत्रता दिवस मंगलमय हो.
    Sanjeet Tripathi said...
    भई देखो, लुड़कें चाहे पुढ़कें हम जीत गए ना, बात खतम!!

    हार जाते तो कहते कि बीती ताहि बिसार दई!! आगे की सोचें!!

    एक करोड़!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
    पता नई कतने शून्य होते हैं जी!!

    स्वतंत्रता दिवस की बधाई व शुभकामनाएं
    रवीन्द्र रंजन said...
    जीत जरूर गये लेकिन वह मजा नहीं आया जो आना चाहिये था। द्रविड़ महाशय के अजीबोगरीब फैसले ने जीत का मजा कम कर दिया वर्ना हम भी जोश से कहते...चक दे इंडिया।
    Mired Mirage said...
    स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामनायें।
    मैच में जीत की भी बधाई ।
    घुघूतीबासूती
    Divine India said...
    बहुत सच लिखा…
    आपको भी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना।
    Sanjeeva Tiwari said...
    स्‍वमंत्रता दिवस की शुभकामनायें
    Sanjeeva Tiwari said...
    क्षमा, स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें

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