Thursday, March 18, 2010

शायद आप लोगों ने भी पढ़ा होगा की समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह को ये डर है की महिला आरक्षण देश को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है । यही नहीं मुलायम सिंह का तो ये तक सोचना है की महिला आरक्षण के कुछ साल बाद संसद सिर्फ महिला सांसदों की होगी ।

अभी मुलायम सिंह को काफी चिंता हो रही है की ३३ प्रतिशत आरक्षण के बाद संसद मे महिलाओं की संख्या हर चुनाव के बाद बढती जायेगी। और तो और उनका ये तक सोचना है कि देश का भविष्य क्या होगा जब देश inexperienced महिलाओं के हाथ मे होगा ।और अनुभव तो तभी होगा ना जब वो संसद तक पहुंचेंगी

पर मुलायम सिंह जी शायद भूल रहे है कि आज देश के कई मुख्य पदों पर महिलायें ही काम कर रही है। फिर वो चाहे राष्ट्रपति का पद हो या फिर लोक सभा के स्पीकर का पद हो या चाहे विदेश सचिव का पद हो। या चाहे किसी प्राइवेट कम्पनी के उच्च पद या फिर बैंक के उच्च पद पर काम करने वाली महिला ही है।और जहाँ पक्ष और विपक्ष की नेता भी महिला ही है

और फिर ये महिलायें उन सांसदों से तो बेहतर ही होंगी जो बन्दूक और नोट के जोर पर वोट हासिल करके संसद मे पहुँचते है और संसद की गरिमा का जरा भी ख्याल नहीं रखते है

2 Comments:

  1. महाशक्ति said...
    महिलाओ आगे आना चाहिये, मुलायम का बयान गवारो वाला लगा।

    रही बात महिला आराक्षण की बात तो मै पूरी तौर पर विधायिका मे आराक्षण देने के खिलाफ हूँ, आराक्षण का दुष्‍प्रभाव हमारे सामने है कि वर्ग संघर्ष का रूप ले रहा है।

    अगर आराक्षण का स्वरूप वर्ग उद्भुव से होता तो पिछले 60 सालो मे आराक्षित वर्ग अपनी स्थिति सुदृण कर चुके होते।
    राज भाटिय़ा said...
    महिला आरक्षण की तो कोई जरुरत नही क्यो कि जिन महिलाओ मे योग्यता होगी वो तो अपने लक्ष्या को पा ही लेगी, हां अगर संसद के लिये कोई आरक्षण बनाना जरुरी हो तो बनाये कि सांसद मै १००% पढे लिखे लोग ही आये, अनपढो के लिये सारे दरवाजे बन्द

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