Tuesday, March 16, 2010

आज कल राजनीति मे इतनी ज्यादा शो बाजी शुरू हो गयी है जिन्हें देख कर लगता है कि १५-२० साल पहले राजनैतिक पार्टियाँ भला कैसे अपना अधिवेशन या स्थापना दिवस मनाया करती थी। हो सकता है पहले ये खर्च हजारों मे होता रहा होगा । पर अब तो करोड़ों खर्च कर दिए जाते है सिर्फ दिखावे के लिए । और वो भी जनता का पैसा ही होगा । जिसे इस बेदर्दी से खर्च किया जाता है।

बी.एस.पी.के २५ साल होने की ख़ुशी मे मायावती और उनकी पार्टी ने २०० करोड़ तो यूँ ही उड़ा दिए । और सोने पे सुहागा की मायावती के कर्नाटक के समर्थक या so called fans ने उन्हें एक हजार के नोटों की माला पहनाई ।और वो भी किसलिए सिर्फ दिखावे के लिए । और उस माला मे तकरीबन ५ करोड़ के नोट लगे हुए थे।

२०० करोड़ मे से अगर कुछ करोड़ भी सड़क निर्माण और उत्तर प्रदेश के विकास मे लगाए गए होते तो यू.पी. का उद्धार हो जाता । पर भला ऐसा हों जाए तो यू.पी.क्या सारे देश से गरीबी का नामों निशान मिट जाएगा।पर भला देश के नेता ऐसा क्यूँ चाहेंगे क्यूंकि अगर ऐसा हो गया तो भला वो नोट देकर वोट कैसे लेंगे।

3 Comments:

  1. डॉ. मनोज मिश्र said...
    इन को, केवल लोंगो को भड़का कर वोट चाहिए,समस्याएं खत्म हो जायेंगी तो इन जैसों को कौन पूछेगा.
    मिहिरभोज said...
    एक दलित महिला को नोटों की मालाएं पहिनाई जारही है और आप थू थू कर रही है.....पहला तो आप पर दलित अत्याचार का मुकदमा चलाना चाहिये.... एक दलित महिला मुख्यमंत्री को आप बैईमानी भी नहीं करने देना चाहते हैं....आप जसै मनुवादी लोग आखिर चाहते क्या हैं........
    राज भाटिय़ा said...
    जिन्होने शर्म बेच खाई हो उन के बारे क्या कहे???

Post a Comment