Wednesday, June 6, 2007

आज कल रोज ही नए-नए किसानो के नाम सुनने और पढ़ने को मिल रहे है ,हालांकि इससे पहले शायद ही कभी किसी किसान का नाम टी.वी.या अखबार मे छपा होगा पर अब तो बडे ही उंचे दर्जे के किसान बिल्कुल फिल्मी स्टाइल के होने लगे है । अब वो चाहे लगान के भुवन हो या चाहे अदालत के अमिताभ बच्चन या फिर दिलवाले दुल्हनिया की काजोल या अजय देवगन हो या फिर बैराग की सायरा बानो हो ,हर कोई किसान है। अगर ये सब किसान हो सकते है तो भला धर्मेंद्र कैसे पीछे रहेंगे। अब आगे-आगे देखिए और पता नही कितने नए किसानो के नाम पता चलेंगे । लगता है कि सारे किसान पुणे मे ही खेती करते है

ऐसा लगता है की फिल्मी दुनिया मे होड़ लगी है की कौन नम्बर वन किसान है। हर कोई अपने को इस देश का किसान साबित करने मे लगा है। अमिताभ बच्चन जब अपने को पुणे का किसान नही कहला पाए तो उत्तर प्रदेश मे (ये तो सभी जानते है की वो इलाहाबाद के रहने वाले है ) वो ये साबित करने मे लग गए कि वो वहां यानी बाराबंकी के किसान है। अब अगर वो इतने सालों से किसान थे तो उसे साबित करने मे इतनी परेशानी क्यों हो रही है। भाई उस गाँव मे तो हर कोई जानता ही होगा कि ये खेत अमिताभ बच्चन का है । और अगर वो खेत अमिताभ बच्चन का है तो फिर उसमे कोई दूसरा किस हक से खेती कर रहा था ?और इतने दिनों तक चुप क्यों थे? बस भैया इतना ही तो बताना है ।

आमिर खान तो और दो हाथ आगे निकले उन्होने तो ये भी कह दिया कि किसान का बेटा किसान होता है। और वो राजस्थान के किसान है।इस हिसाब से तो डॉक्टर का बेटा डॉक्टर और वकील का बेटा वकील और लेखक का बेटा लेखक कहलाना चाहिऐ। धर्मेंद्र को तो शायद पंजाब का जाट होने का फायदा हो गया है।


अब देखना है कि शाह रुख खान और ऋतिक रोशन और अन्य बडे सितारे कब अपने आप को किसान घोषित करते है ?

1 Comment:

  1. Udan Tashtari said...
    संपत्ति जमा करने में तो कोई बुराई नहीं बस गलत तरीके से अर्जित करने में बुराई है. और यह सही गलत सब कानूनों और नियमोम के चलते होता है. आधे से अधिक कानून और नियम तो बनाये ही इसी लिये जाते हैं कि तथाकथित पराक्रमी लोग उन्हें तोड़े और फिर सब मिल बाँट कर खायें.

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