कॉमन वेल्थ गेम्स क्वींस बैटन रिले ( C W G queen's baton relay in itanagar)
अब चाहे जितने भी scam हो कॉमन वेल्थ गेम्स को लेकर पर जिस भी राज्य मे क्वींस बैटन आती है वो पूरा राज्य जोश मे भर जाता है। अब जैसे जुलाई मे जब क्वींस बैटन यहां आई तो ऐसा ही कुछ अरुणाचल मे भी हुआ था।
जैसा कि हम सभी को पता है कि इस साल ३ अक्तूबर से दिल्ली मे कॉमन वेल्थ गेम्स होने वाले है
और इसके लिए लन्दन से क्वीन एलिजाबेथ 2 ने खिलाड़ियों के लिए सन्देश इस बैटन मे भेजा है और इस सन्देश को ३ अक्तूबर को दिल्ली मे खेलों के उदघाटन समारोह मे पढ़ा जाएगा। क्वीन के सन्देश के साथ इस बैटन ने २९ अक्टूबर २००९ मे बकिंघम पैलस से अपना सफ़र शुरू किया । ये बैटन ७० देशों और पूरे भारत वर्ष मे घूमने के बाद ३ अक्टूबर
को दिल्ली पहुंचेगी ।
इस बैटन के साथ तकरीबन १०-१५ लोगों की टीम चलती है । इस टीम को जनरल कदीयान लीड कर रहे थे । इस बैटन की खासियत ये है कि जब इसमें लाईट जलती है तो भारत के झंडे का तिरं
गा रंग इस बैटन पर नजर आता है।जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। दिन मे और रात मे बैटन बिलकुल अलग लगती है।
और २२ जुलाई को कॉमन वेल्थ गेम्स की क्वींस बैटन अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर मे आई थी। अरुणाचल प्रदेश दसवां राज्य है जहाँ ये बैटन अपना सफ़र करते हुए पहुंची थी। अरुणाचल प्रदेश के दो डिस्ट्रिक्ट तवांग और ईटानगर मे इस बैटन को जाना था ,पहले इसे तवांग और फिर ईटानगर आना था और इसके लिए गौहाटी से इस बैटन को लेकर हेलीकाप्टर से तवांग के लिए लोग रवाना हुए पर भूटान के आगे मौसम खराब होने के कारण हेलिकॉप्टर वापिस गौहाटी लौट आया और फिर गौहाटी से हेलिकॉप्टर से ये बैटन ईटानगर आ गयी।नाहारलागन हेलीपैड पर हेलीकाप्टर के पायलेट और पादी रिको इस बैटन के साथ।
अब जब हम ईटानगर वापिस लौट आये है तो हम भी इस क्वींस बैटन रिले को देखने पहुँच गए। सबसे पहले नाहर लागन हेलीपैड पर सवा दो बजे इस बैटन को पादी रिको जो की पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी है उन्होंने इसे रिसीव किया और बैटन का रिले शुरू हुआ जिसमे convoy और relay दोनों था। बैटन के साथ शेरा जो की कॉमन वेल्थ गेम्स का मेस्कोट है वो भी आया था। जैसा की आप इन कुछ फोटो मे देख सकते है।राजीव गाँधी स्टेडीयम मे बच्चों के बीच मे शेरा और नीचे वाली फोटो बैंक्वेट हाल की है जहाँ शेरा जब stage पर आ गए थे तो वापिस उतरने का नाम ही नहीं ले रहे थे।पूरे stage पर घूम रहे थे। :)
और भाई जब हम relay देखने गए तो फिर शेरा से हाथ कैसे ना मिलाते। :)
चूँकि इस बैटन मे relay और convoy दोनों था इसलिए कुछ दूर खिलाडी दौड़ते थे तो कुछ दूर convoy इस बैटन को लेकर चलता था।ये relay करीब ४ घंटे की थी।जिसमे नाहर लागन से होकर राजीव गाँधी स्टेडीयम,सांगो होटल,जेनरल हॉस्पिटल, लागुन ब्रिज,डी.सी. ऑफिस,राज भवन ,इटा फोर्ट,टी.जी.गुम्पा,लेजी काम्प्लेक्स,पंजाबी
ढाबा,आई.जी.पार्क,बी.बी.प्लाज़ा,आकाशदीप मार्केट,निर्वाचन भवन,से होते हुए बैनक्वेट हॉल मे आनी थी।यानी की पूरे ईटानगर मे इस
बैटन को घुमाया
गया।
हेलीपैड से सबसे पहले एक काफिले के साथ इस बैटन को राजीव गाँधी स्टेडीयम ले जाया गया जहाँ इस बैटन को रक्खा गया और फिर मुख्य अतिथि के छोटे से भाषण के बाद इस बैटन को gumpe rime जो की फूटबाल खिलाडी है ये बैटन उन्हें सौंपी गयी और gumpe rime ने पूरे स्टेडीयम का चक्कर लगाया
और वहां से ये बैटन अनेकों खिलाड़ियों और officials के हाथोंमे होती हुई शाम साढ़े ६ बजे आई .जी. पार्क पहुंची और वहां से बैनक्वेट हॉल तक अलग-अलग खेलों जैसे फूटबाल,बैडमिनटन,और वेट लिफ्टिंग के खिलाड़ियों ने इस बैटन को लेकर रिले किया यानी इसे लेकर दौड़े।
जब ये बैटन बैनक्वेट हॉल के गेट पर पहुंची तो वहां से अरुणाचल प्रदेश के स्पोर्ट्स सेक्रेटरी इस बैटन को लेकर दौड़े और पोर्टिको मे ये बैटन अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को सौंपी गयी और वहां से मुख्य सचिव इस बैटन को लेकर बैनक्वेट हाल के अन्दर गए और इस बैटन को पेडस्टल या इसके स्टैंड पर रख दिया गया। और फिर फोटो खींचने और खिंचवाने का सिलसिला शुरू हुआ । और उसके बाद अरुणाचल प्रदेश की विभिन्न tribes ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
अगले दिन २३ जुलाई को ये बैटन अरुणाचल प्रदेश से निकल कर अपने आगे के सफ़र पर चल पड़ी यानी कि दूसरे राज्य ।
जैसा कि हम सभी को पता है कि इस साल ३ अक्तूबर से दिल्ली मे कॉमन वेल्थ गेम्स होने वाले है
और इसके लिए लन्दन से क्वीन एलिजाबेथ 2 ने खिलाड़ियों के लिए सन्देश इस बैटन मे भेजा है और इस सन्देश को ३ अक्तूबर को दिल्ली मे खेलों के उदघाटन समारोह मे पढ़ा जाएगा। क्वीन के सन्देश के साथ इस बैटन ने २९ अक्टूबर २००९ मे बकिंघम पैलस से अपना सफ़र शुरू किया । ये बैटन ७० देशों और पूरे भारत वर्ष मे घूमने के बाद ३ अक्टूबर

इस बैटन के साथ तकरीबन १०-१५ लोगों की टीम चलती है । इस टीम को जनरल कदीयान लीड कर रहे थे । इस बैटन की खासियत ये है कि जब इसमें लाईट जलती है तो भारत के झंडे का तिरं

और २२ जुलाई को कॉमन वेल्थ गेम्स की क्वींस बैटन अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर मे आई थी। अरुणाचल प्रदेश दसवां राज्य है जहाँ ये बैटन अपना सफ़र करते हुए पहुंची थी। अरुणाचल प्रदेश के दो डिस्ट्रिक्ट तवांग और ईटानगर मे इस बैटन को जाना था ,पहले इसे तवांग और फिर ईटानगर आना था और इसके लिए गौहाटी से इस बैटन को लेकर हेलीकाप्टर से तवांग के लिए लोग रवाना हुए पर भूटान के आगे मौसम खराब होने के कारण हेलिकॉप्टर वापिस गौहाटी लौट आया और फिर गौहाटी से हेलिकॉप्टर से ये बैटन ईटानगर आ गयी।नाहारलागन हेलीपैड पर हेलीकाप्टर के पायलेट और पादी रिको इस बैटन के साथ।
अब जब हम ईटानगर वापिस लौट आये है तो हम भी इस क्वींस बैटन रिले को देखने पहुँच गए। सबसे पहले नाहर लागन हेलीपैड पर सवा दो बजे इस बैटन को पादी रिको जो की पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी है उन्होंने इसे रिसीव किया और बैटन का रिले शुरू हुआ जिसमे convoy और relay दोनों था। बैटन के साथ शेरा जो की कॉमन वेल्थ गेम्स का मेस्कोट है वो भी आया था। जैसा की आप इन कुछ फोटो मे देख सकते है।राजीव गाँधी स्टेडीयम मे बच्चों के बीच मे शेरा और नीचे वाली फोटो बैंक्वेट हाल की है जहाँ शेरा जब stage पर आ गए थे तो वापिस उतरने का नाम ही नहीं ले रहे थे।पूरे stage पर घूम रहे थे। :)
हेलीपैड से सबसे पहले एक काफिले के साथ इस बैटन को राजीव गाँधी स्टेडीयम ले जाया गया जहाँ इस बैटन को रक्खा गया और फिर मुख्य अतिथि के छोटे से भाषण के बाद इस बैटन को gumpe rime जो की फूटबाल खिलाडी है ये बैटन उन्हें सौंपी गयी और gumpe rime ने पूरे स्टेडीयम का चक्कर लगाया
और वहां से ये बैटन अनेकों खिलाड़ियों और officials के हाथोंमे होती हुई शाम साढ़े ६ बजे आई .जी. पार्क पहुंची और वहां से बैनक्वेट हॉल तक अलग-अलग खेलों जैसे फूटबाल,बैडमिनटन,और वेट लिफ्टिंग के खिलाड़ियों ने इस बैटन को लेकर रिले किया यानी इसे लेकर दौड़े।
अगले दिन २३ जुलाई को ये बैटन अरुणाचल प्रदेश से निकल कर अपने आगे के सफ़र पर चल पड़ी यानी कि दूसरे राज्य ।
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