गणपति बप्पा मोरया
अरे ये क्या , आप लोग तो कुछ अचरज मे लग रहे है ? अरे माना की गणेश चतुर्थी तकरीबन २० दिन पहले थी और हम आज गणपति की जय कर रहे है । अरे वो क्या है न की अभी १५-२० दिन के लिए हम गोवा आए हुए है और यहाँ पर गणेश चतुर्थी को गणेश उत्सव के रूप मे २१ दिन तक मनाया जाता है ।वैसे कुछ जगहों पर गणपति १ दिन (ज्यादातर वो लोग घर मे गणपति स्थापित करते है )तो कुछ ७ दिन तो कुछ ११ दिन और कुछ जगहों पर २१ दिन तक गणपति की प्रतिमा स्थापित रहती है . तो हमने सोचा की इतने दिनों बाद हम पोस्ट लिख रहे है तो इससे अच्छा विषय भला और क्या हो सकता है ।
गोवा मे अगर आप कभी गणेश चतुर्थी के आस-पास घूमने आए तो मार्शेल (marcel)मे जरुर गणपति की मूर्तियाँ देखने जाइयेगा क्यूंकि इस छोटे से गाँव मे हर दस कदम की दूरी पर गणपति की विबिन्न प्रकार की और विभिन्न वस्तुओं से बनी गणेश की प्रतिमा देखने को मिलती है ।और यहाँ पर २१ दिन तक गणेश उत्सव मनाया जाता है । इस बार भी यहाँ पर कोई गणेश रस्सी से तो कोई गणेश जूट से बने थे । तो कहीं अलमुनियम फोयल से गणेश बनाए गए थे । कहीं वंश पात्र गणेश थे तो कहीं floating गणेश थे जिसमे गणेश जी शेषनाग की शैय्या पर बैठे दिखाए गए है । तो कोई गणेश थर्माकोल के बनाए गए थे ।
वैसे इस बार हम ज्यादा तो नही बस कुछ ही देख पाये और फोटो तो बस २-३ की ही खींच पाये क्यूंकि इस बार अधिकतर जैसे ही मूर्ति देखने के लिए प्रवेश करते है वही सामने बड़ा-बड़ा लिखा रहता है फोटो खींचने की सख्त मनाही है . अरे किसी डर या आतंक की वजह से नही बल्कि इसमे भी commercialisation हो गया है ।पंडाल मे फोटो नही खींच सकते है पर पंडाल से उस मूर्ति की फोटो खरीद सकते है ।(१० रूपये में) पर फ़िर भी कुछ जगहों पर फोटो खींचने की पूरी छूट थी और हमने उस छूट का पूरा फायदा उठाया । :)
अब मूर्ति को लोग इतनी मेहनत से बनाते है और हम जैसे लोग जाकर बस आराम से फोटो खींच लेते है । भला ये क्या बात हुई ।
खैर आप भी इन २-३ फोटो को देखिये और गणपति बनाने वाले की तारीफ करिए और जोर से बोलिए गणपति बप्पा मोरया ।
ये पहले गणेश जी ११ फ़ुट ऊँचे बनाए गए है ।

और ये वाले गणेश जी रस्सी से बने है और इस मूर्ति को नागेन्द्र कुमार ने बनाया है ।

और ये तीसरे गणेश जी floating गणेश (कुंभारजुवे गाँव मे )है और इन्हे विष्णु के अवतार रूप मे दिखाया गया है ।
गोवा मे अगर आप कभी गणेश चतुर्थी के आस-पास घूमने आए तो मार्शेल (marcel)मे जरुर गणपति की मूर्तियाँ देखने जाइयेगा क्यूंकि इस छोटे से गाँव मे हर दस कदम की दूरी पर गणपति की विबिन्न प्रकार की और विभिन्न वस्तुओं से बनी गणेश की प्रतिमा देखने को मिलती है ।और यहाँ पर २१ दिन तक गणेश उत्सव मनाया जाता है । इस बार भी यहाँ पर कोई गणेश रस्सी से तो कोई गणेश जूट से बने थे । तो कहीं अलमुनियम फोयल से गणेश बनाए गए थे । कहीं वंश पात्र गणेश थे तो कहीं floating गणेश थे जिसमे गणेश जी शेषनाग की शैय्या पर बैठे दिखाए गए है । तो कोई गणेश थर्माकोल के बनाए गए थे ।
वैसे इस बार हम ज्यादा तो नही बस कुछ ही देख पाये और फोटो तो बस २-३ की ही खींच पाये क्यूंकि इस बार अधिकतर जैसे ही मूर्ति देखने के लिए प्रवेश करते है वही सामने बड़ा-बड़ा लिखा रहता है फोटो खींचने की सख्त मनाही है . अरे किसी डर या आतंक की वजह से नही बल्कि इसमे भी commercialisation हो गया है ।पंडाल मे फोटो नही खींच सकते है पर पंडाल से उस मूर्ति की फोटो खरीद सकते है ।(१० रूपये में) पर फ़िर भी कुछ जगहों पर फोटो खींचने की पूरी छूट थी और हमने उस छूट का पूरा फायदा उठाया । :)
अब मूर्ति को लोग इतनी मेहनत से बनाते है और हम जैसे लोग जाकर बस आराम से फोटो खींच लेते है । भला ये क्या बात हुई ।
खैर आप भी इन २-३ फोटो को देखिये और गणपति बनाने वाले की तारीफ करिए और जोर से बोलिए गणपति बप्पा मोरया ।
ये पहले गणेश जी ११ फ़ुट ऊँचे बनाए गए है ।
और ये वाले गणेश जी रस्सी से बने है और इस मूर्ति को नागेन्द्र कुमार ने बनाया है ।
और ये तीसरे गणेश जी floating गणेश (कुंभारजुवे गाँव मे )है और इन्हे विष्णु के अवतार रूप मे दिखाया गया है ।
Comments
ममता जी को
लौट आई हैं हिन्दी दिवस पर
श्रीगणेश जी को साथ्ा लेकर।
हिन्दी हर भारतीय का गौरव है
उज्जवल भविष्य के लिए प्रयास जारी रहें
आपके लौटने से खुशी हुई ममता जी :)
- लावण्या
हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.
कृप्या अपने किसी मित्र या परिवार के सदस्य का एक नया हिन्दी चिट्ठा शुरू करवा कर इस दिवस विशेष पर हिन्दी के प्रचार एवं प्रसार का संकल्प लिजिये.
जय हिन्दी!
पहेली - 7 का हल, श्री रतन सिंहजी शेखावतजी का परिचय
हॉ मै हिदी हू भारत माता की बिन्दी हू
हिंदी दिवस है मै दकियानूसी वाली बात नहीं करुगा
यह फोटो कापीराइट न हों, तो मैं इन्हें अपने सँग्रह के लिये ले जाऊँ ?
abhar