Monday, September 14, 2009

अरे ये क्या , आप लोग तो कुछ अचरज मे लग रहे है ? अरे माना की गणेश चतुर्थी तकरीबन २० दिन पहले थी और हम आज गणपति की जय कर रहे है । अरे वो क्या है न की अभी १५-२० दिन के लिए हम गोवा आए हुए है और यहाँ पर गणेश चतुर्थी को गणेश उत्सव के रूप मे २१ दिन तक मनाया जाता है ।वैसे कुछ जगहों पर गणपति १ दिन (ज्यादातर वो लोग घर मे गणपति स्थापित करते है )तो कुछ ७ दिन तो कुछ ११ दिन और कुछ जगहों पर २१ दिन तक गणपति की प्रतिमा स्थापित रहती है . तो हमने सोचा की इतने दिनों बाद हम पोस्ट लिख रहे है तो इससे अच्छा विषय भला और क्या हो सकता है ।

गोवा मे अगर आप कभी गणेश चतुर्थी के आस-पास घूमने आए तो मार्शेल (marcel)मे जरुर गणपति की मूर्तियाँ देखने जाइयेगा क्यूंकि इस छोटे से गाँव मे हर दस कदम की दूरी पर गणपति की विबिन्न प्रकार की और विभिन्न वस्तुओं से बनी गणेश की प्रतिमा देखने को मिलती है ।और यहाँ पर २१ दिन तक गणेश उत्सव मनाया जाता है । इस बार भी यहाँ पर कोई गणेश रस्सी से तो कोई गणेश जूट से बने थे । तो कहीं अलमुनियम फोयल से गणेश बनाए गए थे । कहीं वंश पात्र गणेश थे तो कहीं floating गणेश थे जिसमे गणेश जी शेषनाग की शैय्या पर बैठे दिखाए गए है । तो कोई गणेश थर्माकोल के बनाए गए थे ।

वैसे इस बार हम ज्यादा तो नही बस कुछ ही देख पाये और फोटो त बस २-३ की ही खींच पाये क्यूंकि इस बार अधिकतर जैसे ही मूर्ति देखने के लिए प्रवेश करते है वही सामने बड़ा-बड़ा लिखा रहता है फोटो खींचने की सख्त मनाही है . अरे किसी डर या आतंक की वजह से नही बल्कि इसमे भी commercialisation हो गया है ।पंडाल मे फोटो नही खींच सकते है पर पंडाल से उस मूर्ति की फोटो खरीद सकते है ।(१० रूपये में) पर फ़िर भी कुछ जगहों पर फोटो खींचने की पूरी छूट थी और हमने उस छूट का पूरा फायदा उठाया । :)
अब मूर्ति को लोग इतनी मेहनत से बनाते है और हम जैसे लोग जाकर बस आराम से फोटो खींच लेते है । भला ये क्या बात हुई ।

खैर आप भी इन २-३ फोटो को देखिये और गणपति बनाने वाले की तारीफ करिए और जोर से बोलिए गणपति बप्पा मोरया ।

ये पहले गणेश जी ११ फ़ुट ऊँचे बनाए गए है ।

और ये वाले गणेश जी रस्सी से बने है और इस मूर्ति को नागेन्द्र कुमार ने बनाया है ।

और ये तीसरे गणेश जी floating गणेश (कुंभारजुवे गाँव मे )है और इन्हे विष्णु के अवतार रूप मे दिखाया गया है ।

12 Comments:

  1. अविनाश वाचस्पति said...
    लीजिए हिन्‍दी से इतनी ममता से
    ममता जी को
    लौट आई हैं हिन्‍दी दिवस पर
    श्रीगणेश जी को साथ्‍ा लेकर।
    mehek said...
    bahut sunder hai ganeshji ki murtiyan,sunder lekh
    P.N. Subramanian said...
    गणपति बाप्पा मोरया (जोर से बोले हैं) बहुत सुन्दर जानकारी. भले ही कम चित्र हों, बड़े सुन्दर लगे., आभार.
    Arvind Mishra said...
    देर से तो आयीं मगर दुरुस्त आयीं -सीजन की शुभकामनाएं!
    लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...
    गणपति बप्पा मोरया !!!
    हिन्दी हर भारतीय का गौरव है
    उज्जवल भविष्य के लिए प्रयास जारी रहें
    आपके लौटने से खुशी हुई ममता जी :)
    - लावण्या
    Udan Tashtari said...
    चलिये देर से ही सही..गण पति बप्पा मोरया.

    हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    कृप्या अपने किसी मित्र या परिवार के सदस्य का एक नया हिन्दी चिट्ठा शुरू करवा कर इस दिवस विशेष पर हिन्दी के प्रचार एवं प्रसार का संकल्प लिजिये.

    जय हिन्दी!
    दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...
    गणेश का स्मरण तो सदैव ही शुभ है।
    HEY PRABHU YEH TERA PATH said...
    ममताजी, गणेशजी के बारे मै कभी भी लिखो नया ही लगता है। आपके द्वारा जानकारी देने के लिऍ आभार।



    पहेली - 7 का हल, श्री रतन सिंहजी शेखावतजी का परिचय
    हॉ मै हिदी हू भारत माता की बिन्दी हू
    हिंदी दिवस है मै दकियानूसी वाली बात नहीं करुगा
    डा. अमर कुमार said...

    यह फोटो कापीराइट न हों, तो मैं इन्हें अपने सँग्रह के लिये ले जाऊँ ?
    ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...
    गणपति के साथ यह मजा है - सब अपने स्टाइल में ढ़ाल सकते हैं उनको!
    शोभना चौरे said...
    bdhiya lekh bdhiya photo .gova ki trh yha benglor me bhi aannt chturdshi ke bad sarvjnik gnesh ki sthapna hoti hai halaki inki sankhya kam hoti hai par karn gyat nhi ho ska hai bhsha ki vjh se.
    abhar
    mamta said...
    अमर जी आप फोटो को ले सकते है ।

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