Wednesday, September 8, 2010

आज साक्षरता दिवस है । क्या साक्षरता का मतलब सिर्फ पढना लिखना ही आना है ।नहीं हमे ऐसा नहीं लगता है क्यूंकि हम सब पढ़े-लिखे जो अनपढ़ों की तरह व्यवहार करते है तो क्या हम लोगों को भी साक्षर होने की जरुरत नहीं है।

पूरे देश मे जोर-शोर से साक्षरता दिवस मनाया जा रहा है। पर क्या आप लोगों को नहीं लगता है कि ब्लॉग जगत मे भी हम सभी को साक्षर होने की आश्यकता है । अब आप लोग कहेंगे कि कमाल है आप कैसी बात कर रही है अगर हम ब्लॉगर पढ़े-लिखे नहीं होते यानी कि साक्षर नहीं होते तो ब्लॉगिंग कैसे करते।

अरे भाई साक्षर होने का मतलब ये तो नहीं होता है कि आप ने किसी को भी खासकर महिलाओं को कुछ भी कहने का अधिकार पा लिया है। ब्लॉगिंग का पिछले २ सालों का इतिहास देखा जाए तो जिस तरह से महिलाओं के लिए अपशब्द इस्तेमाल हुए है वो हमारे साक्षर होने का पुख्ता सबूत देते है ।

हिंदी ब्लॉगिंग के शुरूआती दिनों मे पुराने और जानकार लोग यही कोशिश कर रहे थे कि ज्यादा से ज्यादा लोग हिंदी मे ब्लॉगिंग शुरू करे और जिस तरह अंग्रेजी ब्लॉगिंग से लोग इतने बड़े पैमाने पर जुड़े है उसी तरह लोग हिंदी ब्लॉगिंग से भी जुड़े । और आज हिंदी ब्लॉगर की संख्या भी कुछ कम नहीं है ये ख़ुशी की बात है।

तो क्यूँ ना इस साक्षरता दिवस पर हम सभी ब्लॉगर अपने आप को साक्षर बनाने की कोशिश करें।



5 Comments:

  1. माधव said...
    nice
    P.N. Subramanian said...
    अच्छी बात कही है. आभार.
    प्रवीण पाण्डेय said...
    बहुत पते की बात कही है।
    Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...
    आदरणीया ममता जी

    नमस्कार !
    मैम , मैं आपके पैमानों पर , साक्षर बनने का प्रण लेता हूं !
    किसी महिला ब्लॉगर को कुछ नहीं कहूंगा ।

    … लेकिन , कुछ नहीं कहूंगा तो काम कैसे चलेगा ?
    हा हाऽऽ हा …

    शुभकामनाओं सहित …
    - राजेन्द्र स्वर्णकार
    Dr Pradeep Bhatnagar said...
    आप इलाहाबादी हैं. आपको एक ब्लॉग पढ़ना चाहिए। उसका नाम है हम इलाहाबादी।
    humallahabadi.blogspot.com

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