Thursday, May 20, 2010

हमारे देश के सांसद और विधायक ऐसे है जो देश और जनता के लिए दावा तो कुछ भी करने का करते है पर उनकी जेब से कुछ जाए ये उन्हें मंजूर नहीं है। अरे आप को यकीन नहीं है पर ऐसा ही है। कल मंत्री मंडल की बैठक मे ये निर्णय लिया गया कि अब से सांसदों और विधायकों को टोल टैक्स नहीं देना पड़ेगा ।

अरे पर आखिर ऐसा फैसला लिया क्यूँ गया ?

क्या आम जनता के पास इफरात धन-दौलत है और ये सांसद और विधायक टोल टैक्स देना भी afford नहीं कर
सकते है। जबकि किसी भी राज्य या शहर मे देखे तो गाड़ियों पर अपनी पार्टी के झंडे लगाए ये फर्राटे से घूमते नजर आते है। जहाँ से भी जनता को लूटने का मौका मिल भर जाए ,बस

जहाँ नेताओं को अपने लिए कुछ भी फैसला लेना होता तो फटाफट सर्व सम्मति से निर्णय ले लिए जाता है।

पर सवाल ये है कि अगर ये सांसद और विधायक टोल टैक्स नहीं देंगे तो फिर आम जनता क्यूँ दे। क्या सारे तरह के टैक्स देने का जिम्मा सिर्फ आम जनता का ही है।

ऐसा भला ये देश के लिए क्या कर रहे है जो इन्हें टोल टैक्स ना देने की छूट दे दी गयी है।

11 Comments:

  1. रंजन said...
    ताकि उन्हें टोल बूथ पर दादागिरी नहीं दिखानी पड़े....
    गिरीश बिल्लोरे said...
    ये दे क्या रहे हैं इस देश को जो टे़क्स लेकर इनका सहयोग लें
    Mithilesh dubey said...
    ठिक ही है , किया भी क्या जा सकता है ।
    राजीव तनेजा said...
    यही तो दुखद स्तिथि है अपने देश की कि यहाँ ये नेता..विधायक लोग खुद को जनता का बाप समझते हैं
    डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर said...
    नेता माने मल्टीपरपज छाता हर जगह काम आता.
    पहले तो इन्हें टोल टेक्स सेना पड़ता था अब ऐसा नहीं होगा तो ये गलत बात है.....फिर किस-किस का रोना रोयें? फोन, बिजली, पेट्रोल, राशन, घर क्या कुछ नहीं है फ्री....
    जय हिन्द, जय बुन्देलखण्ड
    प्रवीण पाण्डेय said...
    वे तो वैसे ही देश का टॉल वसूल रहे हैं ।
    डॉ. मनोज मिश्र said...
    ये माननीय जो ठहरे.
    ज्ञानदत्त पाण्डेय Gyandutt Pandey said...
    सेवा मेवा प्रदायिनी होती है!
    छत्तीसगढ़ पोस्ट said...
    श्रद्धांजलि....
    मंगलौर में हुए विमान हादसे ने देश ही नहीं पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है..वाकई जिन लोगों की जाने गयी हैं, उनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है..इस दुख की घडी में प्रभु उन्हें शक्ति प्रदान करे...ब्लॉग जगत कि तरफ से ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि मृतात्माओं को शांति मिले....हार्दिक श्रद्धांजलि....
    अभिषेक ओझा said...
    टैक्स में से ही खाने वाले टैक्स नहीं भरते. साइक्लिक प्रक्रिया चालु हो जायेगी. :)
    Sourav Roy said...
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