काश ये शुरू ना किया होता तो

कभी कभी क्या हमेशा लगता है कि काश बालों को कलर करना शुरू ना किया होता तो कितना आराम रहता । उफ़ कितना झंझट ।

वैसे बालों को रंगने का सिलसिला बहुत पुराना है । हमारी मम्मी भी बालों को रंगती थी पर बाद में उन्होंने बालों को रंगना छोड़ दिया था कुछ तो उस समय के हेयर कलर भी उतने अच्छे नहीं होते थे और बाद में उन्हें हेयर कलर से और लगाने के झंझट से परेशानी होने लगी थी तो उन्होंने इसका इस्तेमाल बंद कर दिया था । शुरू में तो हम लोगों को और उन्हें भी थोड़ा अजीब लगा था पर बाद में उन पर सफ़ेद बालों का कुछ अलग ही तरह का ग्रेस था । 🙏

वैसे कुछ साल पहले हमें भी बाल कलर करने का शौक़ चढ़ा था क्योंकि हम लोगों को देखते थे कि कोई ब्राउन तो कोई गोल्डन कलर और कोई कोई तो बैंगनी कलर बालों में लगाये है तो बहुत बार हमारा भी मन होता पर कभी लगाया नहीं । फिर एक बार हमने भी इसे आज़माने की कोशिश की और पर्लर वाले के भरोसा दिलाने पर कि आजकल तो इतने बडे और अच्छे अच्छे ब्रांड है जो आपके बालों को कोई नुक़सान नहीं करेंगे ।

अब शौक और फैशन के चलते हमने अपने बालों पर ज़्यादा एक्सपैरिमिंट ना करते हुये लॉरियल का ब्राउन कलर करवाया और वो चेंज हमें खूब अच्छा भी लगा पर तब ये पता नहीं था कि एक बार इस चक्रव्यूह में फँस जायेंगे तो निकलना मुश्किल हो जायेगा । 😃

अब ब्रांड कोई भी हो हेयर कलर नुक़सान तो करते ही है । रंग निकलने लगे तो अपनी ही शक्ल अजीब लगने लगती है । बालों को लाख तेल लगाओ ,चम्पी करो बाल तो झड़ते ही है । दिनोंदिन हल्के होते बालों को देखकर लगता है कि काश ये शुरू ना किया होता । 😳

क्या आपको भी ऐसा लगता है ।

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