इतने समय से सुनते आ रहे थे की मार्केट मे नकली नोट चल रहे है पर पहली बार हमें नकली नोट मिला और पहली बार ही नकली नोट देखा भी । :)
तो सवाल ये की नकली नोट भला हमारे पास आया कहाँ से ?
१९ सितम्बर को हम दिल्ली के अंसल प्लाजा मे बने Mcdonalds मे गए थे ।(जानते है आप लोग सोच रहे है की पिछली पोस्ट तो गोवा से लिखी थी और अब दिल्ली से लिख रहे है . अचानक हम गोवा से दिल्ली आ गए है ) और वहां से हमने take away लिया । और जब हमने काउंटर पर ५०० रूपये का नोट दिया तो उस काउंटर वाले ने बाकायदा लाइट मे चेक किया की ५०० का नोट असली है या नही । और उसने हमें २०० रूपये वापिस किए और हमने बिना सोचे और बिना चेक किए दोनों १०० के नोट अपने पर्स मे रख लिए । (अब ये तो सपने मे भी नही सोचा था की १०० का नकली नोट मिलेगा ):)
खैर अगले दिन घर पर जब सब्जी वाले से सब्जी लेने के बाद उसे १०० का नोट दिया तो उसने ये कह कर की ये नोट ठीक नही है ,नोट वापिस कर दिया । तो हमने उससे पूछा की भला इस नोट को वो क्यूँ नही ले रहा है । तो इस पर वो सब्जी वाला बोला की जी ये नोट कुछ हल्का है । और रंग कुछ अलग है ।
ये सुनकर पहले तो सब्जी वाले पर गुस्सा आया (जो की ग़लत था )और फ़िर Mcdonalds वालों पर की अपना तो नोट देख कर लेते है और कस्टमर को नकली नोट देते है । अपने पर भी गुस्सा आया की नोट को देख कर क्यूँ नही लिया हालाँकि उस समय तो हमें फर्क भी नही पता चलता ।
उस दिन के बाद से अब तो हम हर नोट चेक करते है पर अब भी असली -नकली का फर्क समझना मुश्किल लग रहा है । क्यूंकि किसी मे रंग तो किसी मे १०० अलग तरह से लिखा है तो किसी मे साइन अलग बना है । अब तो हर नोट ही नकली लगता है ।
और कल जब gas वाला आया तो उसने ५०० के बदले मे जो १०० के नोट दिए उन्हें जब हम चेक कर रहे थे तो वो बोला की मैडम सब नोट ठीक है और हमारे ये कहने पर की एक बार हमें नकली नोट मिल चुका है और जब उसे वो नकली नोट दिखाया तो बोला की उसका दिया हुआ नोट असली है . और हमारे पूछने पर की अगर नकली निकला तो वो बोला की आप हमें वापिस कर देना। और उसने अपना नाम उस नोट पर लिखा दिया ।
चलिए कुछ असली और नकली नोट की फोटो लगा रहे है । देखे आप लोग फर्क कर पाते है या नही ।तो बताइये कौन सा असली है और कौन सा नकली नोट है । :)



Friday, September 25, 2009
असली -नकली नोट का चक्कर
Posted by mamta at 8:00 PM
Labels: ansal plaza.goa, delhi, Mcdonald, note, अंसल प्लाजा, गोवा, दिल्ली, नोट, मैक डोनाल्ड
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16 comments:
हमें तो समझ नहीं आया असली-नकली में भेद...
फोटो के नीचे कैप्शन भी दे देते तो बहुत अच्छा रहता...
पर आपके साथ हुए वाकये से हम लोग भी आगे से ध्यान रखेंगे..
ऊपर वाले असली है . बाकी आखिरी के मिक्स नोट याने नकली है .
तो, इस का मतलब यह हुआ कि जो नकली-नोट आप को मिला वह अभी भी आप के पास ही है !!वैसे यह एक नई सिरदर्दी है लोगों के लिये कि हर नोट को हर कोने से चैक करते फिरें।
एक कहावत याद आ गई --- दूध का जला छाछ भी फूंक फूंक के पीता है।
भारत गये थे तो कोई हमें ५०० का नकली नोट टिका गया. अभी भी धरे हैं, बस, फोटो नहीं खींचे. :)
पोटो में सब असली जैसे ही लग रहे हैं। हाँ नोट खुद होते तो हम जरूर पहचान लेते।
नोटों की असली नकली
फोटो के चक्कर में न उलझें
पहले तो ये बतलायें
ममता जी जब अब
भी दिल्ली में ही हैं तो
मुझे फोन क्यों नहीं किया
09868166586
आपके फोन का इंतजार है।
इन असली नकली नोटों पर
मेरी एक विशेष पोस्ट आगामी
सप्ताह प्रकाशित हो रही है
जो कि इस समस्या से जुड़े
पहलुओं पर एकदम नए सिरे से
प्रकाश डालेगी जिसमें
बिजली भी खर्च नहीं होगी
क्योकि आप सभी जानते ही हैं कि
दिल्ली में बिजली महंगी कर दी गई है।
भाई हम ने तो चेक ही नही किया, जेसे आते वेसे ही देदेते थे, लेकिन कमाल है.... इतनी अच्छी सरकार, ईमान दर नेता, त्याग की मुर्तिया फ़िर भी...देश का यह हाल
कई बार मुझे नकली नोट मिल जाते हैँ लेकिन अपुन तो उन्हें आगे सरका देते हैँ :-)
ab to sab asalee ho gae
ऊपर वाली दोनों फोटो मे जो नोट थोड़ा सा फटा हुआ है वो नकली नोट है । बाकी सब असली है ।
अविनाश जी हम दिल्ली मे बस एक-दो दिन के लिए है उसके बाद इलाहाबाद जा रहे है ।
अभी तक वास्ता नहीं पड़ा नकली नोट से।
हां, नकली चीजें तो बहुत देखी हैं!
@ ममता जी
कल रविवार को ही मिल लेते हैं
आप मेरे नंबर पर
एड्रेस एस एम एस
कीजिएगा।
अगर सरकार अपने नोटों पर 'असली' शब्द भी छाप दे तो मुझ जैसों का बहुत भला होगा. जिस नोट पर 'असली' नहीं छपा होगा, समझ जाएंगे कि वही नकली है.
मुझे तो आज तक नकली नोट मिला ही नहीं। शायद इसीलिए कि समझ में कैसे आए :)
हम तो हाथ में कोई थमा दे तब भी न पहचान पाएं. तस्वीर में क्या बताएं :)
@ अभि
षेक ओझा
बनाए तो आपके लिए ही हैं
पर आप मिलते नहीं है
इसलिए दूसरों को थमा दिए जाते हैं
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